My Poetic Mind #aak
Wednesday, 23 December 2015
मेरी कहानी...
हर एक पन्नें की होती हैं अपनी कहानी।
याद रहे तो बन जाती हैं हकीकत
भूल जाओ तो बन जाती हैं दास्ताँ।
हम तो कुछ ऐसा लिखना चाहते हैं
भूलना चाहो तो याद रहे, और
याद रखना चाहो तो भूल जाओ।
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